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चित्रचिट्ठा
Thursday 26 March 2009
ऐसा सिर्फ भारत में होता है!
जी हाँ, ऐसा सिर्फ भारत में होता है!
Friday 6 June 2008
तीन बूंदें!
चित्रः worth1000.com
Wednesday 21 May 2008
ऊगले साड़ी
Wednesday 14 May 2008
अगली पीढ़ी के बच्चे
मर गया स्साला
फोटो worth1000।com के सौजन्य से!
Friday 9 May 2008
लुत्फ चांदनी रात का
चारु
चन्द्र
की
चंचल
किरणें
फैल
रही
हैं
जल
-
थल
में
स्वच्छ
चांदनी
बिछी
हुई
है
अवनि
और
अम्बर
तल
में
अब ये साथ न छूटे
हिम ढँका तन, प्यार भरा मन
Thursday 8 May 2008
मिले जो ऐसी राह तो किसे हो मंज़िल की चाह
राह
बनी
खुद
मंज़िल
पीछे
रह
गई
मुश्किल
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श्री गणेशाय नमः
About Me
जी.के. अवधिया
मैं एक संवेदनशील, सादे विचार वाला, सरल, सेवानिवृत व्यक्ति हूँ। मुझे अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व है। आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कृष्ट अभिलाषा है।
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ऊगले साड़ी
अगली पीढ़ी के बच्चे
लुत्फ चांदनी रात का
अब ये साथ न छूटे
मिले जो ऐसी राह तो किसे हो मंज़िल की चाह
बूढा बरगद
उड़ान
पैचान कौन ?
तो आप यहाँ है शेर की मौसी जी
खिल गए गुलाब
ये पर्वतों के दायरे ......
वीणा वादिनी नमः