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चित्रचिट्ठा
Thursday 30 September 2010
Bawarchi
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श्री गणेशाय नमः
About Me
जी.के. अवधिया
मैं एक संवेदनशील, सादे विचार वाला, सरल, सेवानिवृत व्यक्ति हूँ। मुझे अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व है। आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है।
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अगली पीढ़ी के बच्चे
लुत्फ चांदनी रात का
अब ये साथ न छूटे
मिले जो ऐसी राह तो किसे हो मंज़िल की चाह
बूढा बरगद
उड़ान
पैचान कौन ?
तो आप यहाँ है शेर की मौसी जी
खिल गए गुलाब
ये पर्वतों के दायरे ......
वीणा वादिनी नमः
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